शब्दार्थ
बैठिए
baithiye
hiverb
अर्थ
बैठना, किसी अवस्था में पड़े रहना या सहना।
विस्तार
प्रस्तुत शेर में 'बैठिए' का प्रयोग किसी स्थिति में निष्क्रिय होकर पड़े रहने के अर्थ में हुआ है। 'दाग़ बैठिए' का आशय प्रेम के ज़ख़्म और लांछन लेकर चुपचाप बैठे रहना और नुक़सान सहना है। शायर सवालिया लहज़े में कहता है कि कब तक कोई इस तरह प्रेम के बाज़ार में घाटे सहते हुए बैठा रहेगा।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit 'उपविशति' (upaviśati) via Prakrit into Hindustani 'बैठना'.
प्रयोग
In ghazal poetry, 'baithna' often evokes an attitude of resigned waiting, quiet despair, or hopeless persistence at the beloved's threshold.
उदाहरण
कब तक यूँ ही ख़ामोश बैठिए
दामन-ए-यार थाम कर बैठिए
समानार्थी
ठहरिएविराजिएरुकिए
संबंधित शब्द
बैठनादाग़दूकाननुक़सान
