शब्दार्थ

बैठी

baithī

hiverb

अर्थ

गहरे उतर गई; धँस गई (तलवार आदि)।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'तेग़ बैठना' एक मुहावरा है, जिसका अर्थ तलवार का सीने या जिस्म में गहरे तक धँस जाना अथवा घातक वार होना है। प्रस्तुत शे'र में इसका आशय यह है कि जब महबूब की तलवार दिल में गहरी उतरी, तो उसने आशिक़ को पूरी तरह निगल लिया। यह आशिक़ के सीने पर लगे गहरे घाव और पीड़ा की पराकाष्ठा को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit उपविशति (upaviśati) through Prakrit बइठइ (baïṭhaï) into Hindi/Urdu बैठना (baiṭhnā).

प्रयोग

In classical poetry, when used with weapons like 'tegh' or 'khanjar', the verb denotes striking home and inflicting a mortal or deeply penetrating wound.

उदाहरण

दिल में तेग़-ए-सितम बैठ गई

वार ऐसा था कि ख़ंजर बैठ गया

समानार्थी

धँसीउतरीगड़ी

संबंधित शब्द

बैठनातेग़ज़ख़्मवार
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