शब्दार्थ
बैठो
baiṭho
hiverb
अर्थ
बैठ जाओ, आसन ग्रहण करो (संबोधन या अनुरोध)।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'बैठो' क्रिया 'बैठना' का मध्यम पुरुष रूप है, जो माशूक़ से पास ठहरने या आसन ग्रहण करने की गुज़ारिश के लिए प्रयुक्त होता है। इस शेर में आशिक़ महबूब से अपने पास बैठने की इल्तिजा करता है, चाहे वह पर्दे में मुँह छिपाकर ही क्यों न बैठे। यह लफ़्ज़ वस्ल (मिलन) और सामीप्य की तीव्र इच्छा को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit उपविशति (upaviśati) via Prakrit baïṭṭha / uvaviṭṭha into Hindustani बैठना (baiṭhnā).
प्रयोग
In the ghazal tradition, it is often employed by the poet-lover to implore the fickle or departing beloved to stay a little longer.
उदाहरण
दम-भर तो बैठो पास हमारे
बैठो भी घड़ी-भर कि दिल को क़रार आए
समानार्थी
तशरीफ़ रखोविराजोक़दम रखो
संबंधित शब्द
बैठनाबैठकउठना-बैठना
