शब्दार्थ
बुझती
bujhtī
hiverb (participle, feminine)
अर्थ
आग, लौ या शम्अ का शांत अथवा गुल होना।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बुझना' आग, शम्अ या चिराग़ के गुल होने को दर्शाता है, जो प्रायः जीवन के अंत या निराशा का प्रतीक है। इस शे'र में शम्अ के बुझने पर उठने वाले काले धुएँ को इश्क़ के मातम और काले लिबास (सियह-पोश) से जोड़ा गया है। यह रौशनी के ख़त्म होने और प्रेमी की मृत्यु के बाद की उदासी को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
From Prakrit 'विज्झइ' (vijjhaï) / 'बुज्झइ' (bujjhaï), ultimately from Sanskrit 'विध्यायति' (vidhyāyati, 'to be extinguished').
प्रयोग
In the ghazal tradition, the extinguishing candle (bujhti shama') is a standard trope evoking the conclusion of a gathering (bazm), mortality, and unresolved melancholy.
उदाहरण
बुझती हुई शम्अ की आख़िरी किरण
ग़म की आग जो कभी नहीं बुझती
समानार्थी
गुल होतीठंडी होतीशमित होती
संबंधित शब्द
बुझनाशम्अधुआँशोला
