शब्दार्थ
ब-ज़ाहिर
ba-zāhir
अर्थ
देखने में, प्रत्यक्ष रूप से, बाहरी तौर पर।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'ब-ज़ाहिर' का प्रयोग बाहरी दिखावे या ऊपरी स्थिति को दर्शाने के लिए होता है, जो अक्सर आंतरिक सत्य से भिन्न होती है। इस शेर में यह प्रेमिका की उस आधी-अधूरी दृष्टि के लिए आया है जो ऊपर-ऊपर से देखने में तो पूरी नज़र भी नहीं लगती, पर उपेक्षा के लंबे दौर के बाद उसका होना भी मायने रखता है। यह शब्द बाह्य रूप और आंतरिक वास्तविकता के विरोधाभास को उजागर करता है।
व्युत्पत्ति
Persian preposition 'ba-' (by, with) prefixed to Arabic 'zāhir' (evident, manifest, outer appearance).
प्रयोग
In the ghazal tradition, it frequently sets up a poetic contrast between mere outer appearance (zāhir) and hidden emotional or spiritual truth (bātin).
उदाहरण
ब-ज़ाहिर ख़ामोश मगर दिल में तूफ़ान
ब-ज़ाहिर वो निगाह बे-रुख़ी सी लगी
