शब्दार्थ
बे-ज़ारी
be-zārī
hinoun
अर्थ
विलाप या रोने का अभाव; विरक्ति अथवा उकताहट।
विस्तार
इस शे'र में यह शब्द 'बे-' (रहित) और 'ज़ारी' (क्रंदन/रोना) के योग से 'विलाप-हीनता' के अर्थ में आया है, जो 'बे-नाला' के समानांतर है। साथ ही यह आम फ़ारसी-उर्दू अर्थ 'उकताहट' या 'विरक्ति' की प्रतिध्वनि भी रखता है। शायर ऐसे वर्तमान पर विचार कर रहा है जो कष्ट, क्रंदन और अपमान से मुक्त होकर भी अधूरा है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from the preposition/prefix 'be' (without) and noun 'zārī' (weeping, groaning, lamentation, from 'zār').
प्रयोग
In classical ghazal, it is employed either as an intentional privative compound (without wailing) or to express existential weariness and disgust.
उदाहरण
शब-ए-फ़ुर्क़त में न कोई गिरिया था न कोई बे-ज़ारी।
उनकी बे-ज़ारी से दिल और भी उदास हो गया।
समानार्थी
विलाप-हीनताउकताहटविरक्तिबेदिली
संबंधित शब्द
नाला-ओ-ज़ारीज़ारीबेज़ारख़स्तगी
