शब्दार्थ

बे-ज़री

be-zarī

hinoun

अर्थ

निर्धनता, कंगाली या धन-दौलत का अभाव।

विस्तार

शाब्दिक रूप से 'ज़र' (सोना या धन) का न होना, 'बे-ज़री' का अर्थ मुफ़लिसी, तंगदस्ती या निर्धनता है। प्रस्तुत शे'र में यह माली कंगाली और अभाव की स्थिति को दर्शाता है, जिसे तक़दीर का लिखा मानकर संतोष करने की सलाह दी गई है। शायरी में यह अक्सर दुनियावी तंगहाली और फ़क़ीरी के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।

व्युत्पत्ति

Persian: compound of the negative prefix 'be-' (without) and 'zar' (gold/wealth) with the abstract noun suffix '-i'.

प्रयोग

In classical Urdu ghazal, 'be-zari' frequently contrasts the worldly riches of the elite with the noble, spiritual poverty of the lover or dervish.

उदाहरण

बे-ज़री के दिनों में सबने साथ छोड़ दिया

अपनी बे-ज़री का कोई शिकवा नहीं मुझको

समानार्थी

मुफ़लिसीनादारीतंगदस्तीग़रीबी

संबंधित शब्द

बे-ज़रज़रज़र-दारज़र-परस्त
← शब्दकोश पर वापस