शब्दार्थ
बाज़ार
baazaar
hinoun, masculine
अर्थ
हाट, मंडी, क्रय-विक्रय का स्थान।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बाज़ार' प्रायः दुनिया, मयकदे या इश्क़ के मैदान का रूपक बनकर आता है। इस शे'र में यह साक़ी की महफ़िल अथवा मयकदे को दर्शाता है जहाँ साक़ी से जाम पाने के लिए दिल और ईमान को नक़द रक़म के रूप में पेश करना पड़ता है। यह प्रेम और रूहानियत के सौदे में पूर्ण समर्पण की माँग को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
From Persian 'bāzār' (بازار), through Middle Persian 'wāzār', ultimately rooted in Old Persian 'vahā-čarana' (place of sale/traffic).
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'baazaar' often contrasts mercantile calculation with selfless passion, frequently paired with compounds like 'baazaar-e-ulfat' or 'baazaar-e-dahr'.
उदाहरण
बाज़ार-ए-मोहब्बत में दिल सस्ते दामों बिका
दुनिया के बाज़ार से गुज़र मगर ख़रीदार न बन
समानार्थी
हाटमंडीसूक़
संबंधित शब्द
सौदाख़रीदारमताअक़ीमत
