शब्दार्थ
बे-ज़बाँ
be-zabaan
hiadjective
अर्थ
मूक, वाणीहीन, अत्यंत खामोश या विवश।
विस्तार
'बे-ज़बाँ' का शाब्दिक अर्थ है बिना ज़बान का, यानी मूक अथवा खामोश। इस शे'र में यह ग़रीबों की मज़ार पर बुझे हुए चिराग़ के लिए प्रयुक्त हुआ है, जो अपने भीतर लाखों दबी हुई आरज़ूओं को समेटे हुए भी बोलने में सर्वथा असमर्थ है। यह शब्द अत्यंत बेबसी और शांत विलाप की अवस्था को प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from the negative prefix 'be-' (without) and 'zabaan' (tongue, language, voice).
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, it is often employed metaphorically to evoke tragic helplessness, unuttered laments, or the plight of suppressed lovers.
उदाहरण
इक बे-ज़बाँ चराग़ बुझा सा मज़ार पर
हाल-ए-दिल बे-ज़बाँ आँखों से बयां होना
समानार्थी
गूँगाख़ामोशमूकबे-आवाज़
संबंधित शब्द
ख़मोशीज़बानबे-कसीसकूत
