शब्दार्थ
बाज़-पुसीं
bāz-pusīñ
hiadjective
अर्थ
अंतिम, आखिरी, जीवन की अंतिम सांस से संबंधित।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में यह शब्द 'अंतिम' अथवा 'आख़िरी' अवस्था को दर्शाता है, विशेष रूप से अंतिम सांस के संदर्भ में। प्रस्तुत शे'र में 'नफ़स-ए-बाज़-पुसीं' से तात्पर्य उस अंतिम हिचकी या सांस से है जो महबूब के देर से आने पर प्रेमी के होंठों पर ठहरी हुई थी।
व्युत्पत्ति
Persian, composed of 'bāz' (back, again) and 'pasīn' (hindmost, last, latter).
प्रयोग
Most frequently used in ghazal poetry within the izafat construction 'nafas-e-bāz-pasīn' to evoke the pathos of a lover expiring just as the beloved appears.
उदाहरण
नफ़स-ए-बाज़-पसीं का आलम
बाज़-पसीं लम्हों की बेबसी
समानार्थी
आख़िरीअंतिमवापसीं
संबंधित शब्द
नफ़सदम-ए-वापसींजाँ-कनी
