शब्दार्थ
ब-जुज़
ba-juz
hipreposition
अर्थ
सिवाय, अतिरिक्त, को छोड़कर।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'ब-जुज़' का प्रयोग व्यतिरेक या अपवाद दर्शाने के लिए 'सिवाय' अथवा 'को छोड़कर' के अर्थ में होता है। प्रस्तुत शेर में यह भाव व्यक्त करता है कि प्रलय की प्रचंड आँधी में आशिक़ों की ख़ाक से प्रेम और गर्व की उड़ान के अतिरिक्त कुछ भी शेष नहीं बचता। यह विनाश के बीच केवल प्रेम की भावना के अस्तित्व को उजागर करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from the preposition 'ba-' (by, with) and 'juz' (except, other than).
प्रयोग
Frequently used in the ghazal tradition to frame assertions of absolute devotion or singular loss by excluding all other possibilities.
उदाहरण
ब-जुज़ ख़ामोशी यहाँ कोई सदा न थी।
ब-जुज़ तेरे इस दिल को कोई आरज़ू नहीं।
समानार्थी
सिवायअलावाबिना
संबंधित शब्द
जुज़ब-ग़ैरमा-सिवा
