शब्दार्थ
बाज़ु
baazu
hinoun, masculine
अर्थ
भुजा, बांह; लाक्षणिक रूप से बल या सामर्थ्य।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ बांह या भुजा है। शास्त्रीय उर्दू शायरी में यह प्रायः शक्ति, पौरुष और क़ातिल के सामर्थ्य का प्रतीक बनकर आता है। इस शे'र में आशिक़ की लाचारी व्यक्त हुई है कि वह अब क़ातिल के बाज़ू के वार के योग्य भी नहीं बचा।
व्युत्पत्ति
Persian 'bāzū' (بازو), cognate with Sanskrit 'bāhu' (बाहु).
प्रयोग
In Urdu ghazal, it is widely used in compounds like 'zor-e-baazu' or 'baazu-e-qaatil' to evoke themes of struggle, sacrifice, and the beloved's merciless power.
उदाहरण
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है
दस्त-ओ-बाज़ू का भरोसा
समानार्थी
बांहभुजाताक़त
संबंधित शब्द
दस्त-ओ-बाज़ूज़ोर-ए-बाज़ूबाज़ू-बंद
