शब्दार्थ
बेगह
begah
hiadverb
अर्थ
कुसमय, असमय या अनुचित समय पर।
विस्तार
इसका अर्थ असमय, कुसमय अथवा अनुचित वक्त है। इस शेर में यह 'गाह ओ बेगह' पदबंध का हिस्सा बनकर 'समय-कुसमय' या 'हर वक्त' का भाव प्रकट करता है। यह दर्शाता है कि उस घाट पर बिना किसी निश्चित पहर के लगातार लोगों का तांता लगा रहता था।
व्युत्पत्ति
Persian (be- [without] + gāh [time/moment]).
प्रयोग
Frequently paired with 'gah' (as in 'gah o begah') in classical poetry to convey an unending or unpredictable routine across day and night.
उदाहरण
बेगह आना
गाह ओ बेगह का जमघट
समानार्थी
असमयकुवक्तबेवक्त
संबंधित शब्द
गाहगाह-ब-गाहवक्त
