शब्दार्थ
बे-गह
be-gah
hiadverb
अर्थ
असमय, बेवक़्त, कुसमय अथवा अनुचित समय पर।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'बे-गह' का आशय कुसमय, असमय अथवा बेवक़्त होने से है। प्रस्तुत शेर में यह 'गह-ओ-बे-गह' के रूप में प्रयुक्त होकर हर वक़्त—उचित या अनुचित समय—माशूक़ की गली में पड़े रहने की निरंतरता को दर्शाता है। इस अनवरत मौजूदगी से महबूब का कूचा बेगाना और दुश्मन के घर जैसा महसूस होने लगता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound of the privative prefix 'be-' (without) and 'gah' (contracted form of 'gah/gaah', meaning time or season).
प्रयोग
Most frequently paired with 'gah' as 'gah-o-be-gah' in ghazals to express the lover's restless, round-the-clock wandering in the beloved's street.
उदाहरण
बे-गह आना महबूब को नागवार गुज़रा।
गह-ओ-बे-गह का यह सिलसिला तंग करता है।
समानार्थी
असमयकुसमयबे-मौक़ाबे-वक़्त
संबंधित शब्द
गहबे-वक़्तगह-ओ-बे-गह
