शब्दार्थ

बे-ग़रज़

be-ġaraz

hiadjective

अर्थ

निःस्वार्थ, निष्काम, बिना किसी स्वार्थ या मतलब के।

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'बे-ग़रज़' का अर्थ ऐसे प्रेम या कर्म से है जो किसी लालच या व्यक्तिगत लाभ की आशा के बिना किया जाए। इस शेर में यह उन निष्काम कर्मों को दर्शाता है जो जन्नत की सुख-सुविधाओं जैसे हूर और जाम के लालच से परे किए जाते हैं। सूफ़ी और दार्शनिक विचार में ऐसी निष्काम भावना को औपचारिक इबादत से कहीं श्रेष्ठ माना गया है।

व्युत्पत्ति

Compound formed from Persian prefix 'be-' (without) and Arabic noun 'ġaraẓ' (motive, aim, selfish interest).

प्रयोग

Frequently celebrated in Sufi and ghazal poetry to distinguish pure, disinterested devotion from ordinary worship motivated by reward or fear.

उदाहरण

बे-ग़रज़ उल्फ़त का जज़्बा

बे-ग़रज़ खिदमत-ए-ख़ल्क़

समानार्थी

निःस्वार्थबे-लौसनिष्काम

संबंधित शब्द

ग़रज़बे-ग़रज़ीइख़लासग़रज़मंद
← शब्दकोश पर वापस