शब्दार्थ
बेगानगी
begānagī
hinoun
अर्थ
अनजानपन, बेगानापन या अजनबी जैसा व्यवहार।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'बेगानगी' का भाव महबूब की बेरुखी और अजनबीपन से है, जब वह आशिक से बिल्कुल अनभिज्ञ होने का नाटक करता है। प्रस्तुत शेर में आशिक इसी दूरी पर आह भरते हुए कहता है कि महबूब ने कभी यह तक नहीं माना कि वह मुझे पहचानता भी है। यह शब्द प्रेम में असहनीय उपेक्षा और परायेपन की पीड़ा को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian: derived from 'bīgāna' (stranger, alien) with the abstract noun suffix '-gī'.
प्रयोग
Frequently contrasted with 'aashnaai' (acquaintance/intimacy) in ghazals to depict the torment of the beloved's deliberate coldness.
उदाहरण
हाय यह बेगानगी कि देखते भी नहीं
बेगानगी का यह आलम कब तक रहेगा
समानार्थी
अजनबियतबेरुखीतग़ाफ़ुलना-आश्नाई
संबंधित शब्द
बेगानाआश्नाआश्नाईअजनबी
