शब्दार्थ
बाँग
bāṅg
hinoun, feminine
अर्थ
आवाज़, पुकार, नदा या तुरही की गूँज।
विस्तार
'बाँग' फ़ारसी मूल का शब्द है जिसका अर्थ तीव्र आवाज़, पुकार अथवा किसी वाद्य की गंभीर गूँज है। इस शे'र में इसका प्रयोग हज़रत इसराफ़ील के सूर (प्रलयकाल की तुरही) की भीषण ध्वनि के संदर्भ में हुआ है। यह माशूक़ को रिझाने वाले कोमल राग के विपरीत एक गंभीर, विस्मयकारी और प्रलयंकारी जागृति का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Persian 'bāng' (بانگ), signifying a cry, shout, voice, or sound.
प्रयोग
Frequently used in classical Urdu poetry within genitive compounds like 'bāng-e-darā' (the bell of the caravan) or 'bāng-e-azān' (the call to prayer) to evoke themes of spiritual awakening, movement, and summons.
उदाहरण
बाँग-ए-दरा ने किया है बेदार
बाँग-ए-सूर की दहशत से आलम काँप उठा
समानार्थी
आवाज़पुकारसदानदा
संबंधित शब्द
बाँग-ए-दरासूरनवाअज़ान
