शब्दार्थ
बिखरी
bikhrī
hiadjective / participle
अर्थ
फैली हुई, अस्त-व्यस्त या छितराई हुई।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में यह शब्द फैले हुए अथवा अस्त-व्यस्त केशों के लिए प्रयुक्त होता है। इस शेर में यह माशूक़ की काली ज़ुल्फ़ों के लिए आया है जो उसके रौशन चेहरे पर फैली हैं। ज़ुल्फ़ की स्याही और चेहरे के नूर का यह संगम दिन और रात के अस्तित्व का काव्यात्मक कारण बनता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit विकीर्ण (vikīrṇa, scattered/dispersed) through Prakrit into Hindustani बिखरना (bikharnā).
प्रयोग
In the ghazal tradition, it is predominantly paired with 'zulf' (tresses) to depict enchanting beauty, emotional turmoil, or wandering passion.
उदाहरण
बिखरी हुई ज़ुल्फ़ें
हर सम्त बिखरी रोशनी
समानार्थी
परेशानमुंतशिरछितराई
संबंधित शब्द
बिखरनाबिखेरनाबिखराव
