शब्दार्थ

बिखर

bikhar

hiverb stem

अर्थ

फैल जाना, छितरना या तितर-बितर होना

विस्तार

इस शे'र में 'बिखर' का आशय माशूक़ के चेहरे की मस्ती से नज़र के छितरा जाने और केंद्रित न रह पाने से है। इसका मौलिक अर्थ किसी वस्तु का तितर-बितर या क्षत-विक्षत हो जाना है। यह आत्मनियंत्रण खोने और सौंदर्य से अभिभूत होने की स्थिति को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit 'विकीर्ण' (vikīrṇa) / 'विक्षिप्' (vikṣip) through Prakrit to Hindustani 'बिखरना' (bikharnā).

प्रयोग

In classical ghazal, it commonly describes the unbraided disheveled locks (zulf) of the beloved, shattered dreams, or a spellbound gaze.

उदाहरण

हवा के झोंके से ज़ुल्फ़ों का बिखर जाना

हक़ीक़त सामने आते ही ख़्वाबों का बिखर जाना

समानार्थी

छितरनाफैलनातितर-बितर होना

संबंधित शब्द

बिखरावबिखेरनाबिखरा
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