शब्दार्थ
बे-ख़ार
be-khār
hiadjective
अर्थ
बिना काँटों का; निष्कंटक; कष्ट या दोष से रहित।
विस्तार
'बे-ख़ार' का शाब्दिक अर्थ 'काँटों के बिना' होता है। शायरी में यह विशेष रूप से 'गुल' (फूल) के साथ मिलकर ऐसे सौंदर्य या सुख का प्रतीक बनता है जो हर कष्ट और दोष से मुक्त हो। प्रस्तुत शेर में यह इस दार्शनिक विचार को प्रकट करता है कि संसार रूपी बाग़ में कोई भी प्रिय वस्तु या सुख बिना दुःख और नालायक़ लोगों की संगति के उपलब्ध नहीं है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from the privative preposition 'be-' (without) and the noun 'khār' (thorn).
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'be-khār' almost always qualifies 'gul' to illustrate the unattainable ideal of joy without sorrow.
उदाहरण
गुल-ए-बे-ख़ार की तलाश में उम्र गुज़री
दहर के बाग़ में कोई बे-ख़ार नहीं
समानार्थी
निष्कंटकबे-ज़हमतकाँटे-रहित
संबंधित शब्द
ख़ारगुलख़ार-दारचमन
