शब्दार्थ

बे-ख़बरी

be-khabarī

hinoun

अर्थ

अज्ञानता, बेसुधी, अनभिज्ञता अथवा दुनिया से बेपरवाही।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'बे-ख़बरी' सांसारिक यथार्थ और तमन्नाओं की पीड़ा से बेसुध या अनजान होने की मनःस्थिति को दर्शाती है। प्रस्तुत शे'र में इसे एक जादुई तिलिस्म के रूप में सराहा गया है, जो दिल को चाहतों के कारण उत्पन्न होने वाले संताप से बचाता है। यह चेतना के उस स्तर का प्रतीक है जहाँ इंसान जुनून और नाउम्मीदी के दुखों से मुक्त रहता है।

व्युत्पत्ति

Persian prefix 'be-' (without) + Arabic 'khabar' (news, knowledge, awareness) + Persian abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

In the ghazal, poets often romanticize 'be-khabari' as superior to consciousness, framing mundane awareness as the source of existential anguish.

उदाहरण

दिल की बे-ख़बरी ही मेरा चैन बनी।

ऐसी बे-ख़बरी हो तो ग़म पास न आए।

समानार्थी

ग़फ़लतअज्ञानताबेसुधीला-इल्मी

संबंधित शब्द

बे-ख़बरख़बरबे-ख़ुदीग़ाफ़िल
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