शब्दार्थ
बे-ख़बराँ
be-khabarān
hinoun (plural)
अर्थ
अज्ञानी या बेपरवाह लोग; अनजानों का समूह।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'बे-ख़बराँ' का अर्थ उन लोगों से है जो वास्तविकता और जीवन के गहरे सत्यों से अनजान हैं। प्रस्तुत शेर में यह शब्द उन अज्ञानियों के लिए आया है जो विपरीत परिस्थितियों में जमाने से समझौता करने की सीख देते हैं। शायर इस विचार को अज्ञानता की निशानी बताते हुए जमाने से टकराने का आह्वान करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from the privative prefix 'be-' (without), Arabic 'khabar' (knowledge/awareness), and the Persian animate plural suffix '-ān'.
प्रयोग
Used in philosophical and mystical verse to contrast the spiritually blind majority with the discerning seeker.
उदाहरण
हदीस-ए-बे-ख़बराँ पर ऐ दिल कभी न जा
महफ़िल-ए-बे-ख़बराँ में राज़-ए-हक़ कहाँ
समानार्थी
ग़ाफ़िलाँनादानाँबे-सुधअंजान
संबंधित शब्द
बे-ख़बरबे-ख़बरीख़बरबा-ख़बर
