शब्दार्थ
बेख़ुदी
bekhudī
hinoun, feminine
अर्थ
आत्म-विस्मृति, बेसुधी, मस्ती या सुध-बुध खोने की अवस्था।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बेख़ुदी' उस रूहानी या इश्क़िया कैफियत को कहते हैं जहाँ इंसान अपनी सुध-बुध और 'ख़ुदी' (अहं) को भूल जाता है। प्रस्तुत शेर में यह विरह की शाम में बढ़ती हुई मस्ती और बेसुधी को दर्शाता है, जिसमें आशिक़ महबूब के राज़ की बातें सुनना चाहता है। यह दशा होशमंदी के विपरीत एक सुखद उन्माद का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Persian: compound of 'bē' (without) and 'khudī' (self/ego), meaning 'loss of self'.
प्रयोग
In classical ghazal, 'bekhudi' is celebrated as a desirable threshold of transcendent love, elevated above rational consciousness (hosh).
उदाहरण
बेख़ुदी ले गई कहाँ हमको
एक आलम है बेख़ुदी का यहाँ
समानार्थी
बेसुधीआत्मविस्मृतिमहोशग़फ़लत
संबंधित शब्द
बेख़ुदख़ुदीमस्तीसरशारी
