शब्दार्थ
बे-ख़तर
be-ḵẖatar
hiadjective / adverb
अर्थ
निडर, बेखौफ़, बिना किसी डर या ख़तरे के।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'बे-ख़तर' का आशय बिना किसी डर, आशंका या ख़तरे के जीवन बिताने या कर्म करने से है। प्रस्तुत शे'र में यह उन पाखंडियों (अरबाब-ए-रिया) की निर्भीकता की ओर संकेत करता है, जो भेद खोलने वाली नज़र के न रहने पर अब बेखौफ़ जी रहे हैं। यह एक सुरक्षित और बेधड़क स्थिति को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Compound formed from the Persian preposition/prefix 'be-' (without) and Arabic 'khatar' (danger, risk, fear).
प्रयोग
Commonly employed in classical ghazal and nazm both adverbially to describe audacious valor (especially in devotion or love) and adjectivally to evoke a state untroubled by danger.
उदाहरण
बे-ख़तर कूद पड़ा आतिश-ए-नमरूद में इश्क़
बे-ख़तर गुज़रना पुर-पेच राहों से
समानार्थी
बे-ख़ौफ़निडरबे-बाकनिर्भय
संबंधित शब्द
ख़तराख़तरनाकबा-ख़तर
