शब्दार्थ
बे-कसों
be-kasoñ
hinoun (plural, oblique)
अर्थ
लाचार, बेसहारा और असहाय लोग।
विस्तार
यह उन असहाय और निराश्रित लोगों को दर्शाता है जिनका कोई मददगार या संरक्षक नहीं होता। इस शेर में ग़ालिब कहते हैं कि बेबस लोग दुनिया या नासेह (उपदेशक) पर वश न चलने के कारण अपनी बेबसी अपने ही गिरेबान पर निकालते हैं। यह अशक्तता और भीतर उमड़ते दर्द की चरम स्थिति को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound: 'be-' (without) + 'kas' (person, someone), followed by the Urdu plural/oblique suffix '-oñ'.
प्रयोग
Frequently deployed in Urdu poetry to depict lovers or oppressed souls who lack external power and channel their anguish into self-destruction.
उदाहरण
बे-कसों की आह से डरना चाहिए।
ज़माने में बे-कसों का कोई पुरसाँ-ए-हाल नहीं।
समानार्थी
लाचारोंमजबूरोंबे-सहारों
संबंधित शब्द
बे-कसबे-कसीकस
