शब्दार्थ
बे-कसी
be-kasi
hinoun, feminine
अर्थ
लाचारी, बेबसी, अनाथता अथवा अकेलापन।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'बे-कसी' का तात्पर्य अत्यधिक बेबसी, तन्हाई और किसी मददगार के न होने की स्थिति से है। इस शेर में यह उस स्वाभिमानी लाचारी को दर्शाती है जो दूसरों के आगे हाथ फैलाने के बजाय अपनी ही झेंप और शर्मिंदगी को स्वीकार करती है। यह एकांत और आत्मसम्मान से भरी पीड़ा की अभिव्यक्ति है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'be-' (without) and 'kas' (person, someone), with the abstract noun suffix '-i'.
प्रयोग
A recurrent motif in the ghazal to portray the lover's absolute solitude and pride amidst neglect and suffering.
उदाहरण
मेरी बे-कसी का तमाशा न बनाओ
आलम-ए-बे-कसी में कोई काम न आया
समानार्थी
बेबसीलाचारीतन्हाईमजबूरी
संबंधित शब्द
बे-कसख़जालतशिकस्ता-दिलीग़ुर्बत
