शब्दार्थ
बे-कफ़नी
be-kafnī
hinoun, feminine
अर्थ
कफ़न न होने की दशा; बिना कफ़न के रह जाना।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बे-कफ़नी' आशिक़ की उस बेबसी और फ़क़ीरी को दर्शाती है जहाँ मरने पर कफ़न तक मयस्सर नहीं होता। इस शे'र में शायर अपने जीते-जी के नंगेपन और मौत के बाद कफ़न न मिलने को महबूब के हाथों क़त्ल होने की स्वाभाविक पहचान बताता है।
व्युत्पत्ति
Persian prefix 'be-' (without) combined with Arabic 'kafan' (shroud) and the abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
A stock motif in ghazals symbolizing martyrdom in love, utter abandonment, and the preservation of earthly destitution beyond the grave.
उदाहरण
सहरा में बे-कफ़नी का मातम
इश्क़ में बे-कफ़नी भी मंज़ूर हुई
समानार्थी
बे-गोर-ओ-कफ़नीबे-लिबासीअनावृत्ति
संबंधित शब्द
कफ़नउर्यानीकुश्तापस-अज़-मर्ग
