शब्दार्थ
ब-कफ़
ba-kaf
hiprepositional phrase
अर्थ
हाथ में, हथेली में थामे या लिए हुए।
विस्तार
इसका शाब्दिक अर्थ 'हथेली में' या 'हाथ में' होता है। इस शे'र में इसका संदर्भ सहरा (मरुस्थल) का दामन हाथ में थामे होने से है, जो यह दर्शाता है कि जहाँ भी आँख खुलती है, वीराना ही हाथ लगता है। यह विरह और भटकाव की निरंतरता को चित्रित करता है।
व्युत्पत्ति
Persian: preposition 'ba' (in, with) + 'kaf' (palm of the hand).
प्रयोग
Frequently used in classical Urdu poetry to depict surrendering one's life ('जाँ-ब-कफ़') or clasping a symbolic garment or goblet.
उदाहरण
सहरा का दामन ब-कफ़ लिए फिरना
राह-ए-शौक़ में जाँ ब-कफ़ होना
समानार्थी
दस्त-दर-दस्तहाथ मेंक़ब्ज़े में
संबंधित शब्द
जाँ-ब-कफ़कफ़कफ़-ए-अफ़सोसदामान-ए-सहरा
