शब्दार्थ

बे-क़रारियाँ

be-qarāriyān

hinoun (feminine plural)

अर्थ

बेचैनियाँ, व्याकुलताएँ या अशांत अवस्थाएँ।

विस्तार

यह शब्द दिल की गहरी बेचैनी, तड़प और अशांति की विभिन्न अवस्थाओं को दर्शाता है। शेर में इससे आशय आशिक़ के दिल के उस मशहूर इज़्तिराब से है जो विरह में चैन नहीं लेने देता। यह तड़प इतनी तीव्र है कि इसकी पुकार ला-मकाँ (असीमित) तक पहुँचती है।

व्युत्पत्ति

Persian prefix 'be-' (without) combined with Arabic 'qarār' (rest, stability) and the Urdu abstract plural suffix '-iyān'.

प्रयोग

Frequently deployed in ghazal poetry to epitomize the torment, sleeplessness, and longing of the separated lover.

उदाहरण

रात भर दिल की बे-क़रारियाँ थमती नहीं थीं।

मेरी बे-क़रारियों का कोई चारा न हुआ।

समानार्थी

इज़्तिराबबेचैनियाँतड़पअशांति

संबंधित शब्द

बे-क़रारक़रारबे-क़रारी
← शब्दकोश पर वापस