शब्दार्थ
बे-क़रार
be-qarār
hiadjective
अर्थ
बेचैन, अशांत, व्याकुल या अधीर।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बे-क़रार' प्रेम की तड़प, विरह और दिली अशांति को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शेर में यह भाव है कि मजनूँ की वादी का हर ज़र्रा महबूब के हुस्न की ताब न लाकर एक धड़कते और बेचैन दिल की तरह तड़प रहा है।
व्युत्पत्ति
Persian prefix 'be-' (without) combined with Arabic 'qarār' (rest, settledness, calm).
प्रयोग
Commonly paired with 'dil' (dil-e-be-qarar) in ghazals to evoke the archetype of the lover whose soul finds no tranquility except in union with the beloved.
उदाहरण
दिल-ए-बे-क़रार को चैन कहाँ
शब-ए-फ़ुर्क़त में बे-क़रार होना
समानार्थी
मुज़्तरिबबेचैनव्याकुलपरेशान
संबंधित शब्द
क़रारबे-क़रारीबे-चैन
