शब्दार्थ
बेकार
bekār
hiadjective
अर्थ
निष्क्रिय, व्यर्थ, खाली या बिना काम के।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'बेकार' का अर्थ निष्क्रिय, खाली या व्यर्थ बैठना है। इस शेर में आशिक़ को रोने से बाज़ आकर निष्क्रिय न रहने की ताकीद की गई है, क्योंकि विलाप करना ही प्रेम के कार्य की शोभा और चमक है।
व्युत्पत्ति
Persian: compound of 'be-' (without) and 'kār' (work, task, duty).
प्रयोग
Frequently used in classical verse to contrast passive indolence with the arduous efforts and suffering demanded by love.
उदाहरण
बेकार बैठना आशिक़ी का शेवा नहीं
इश्क़ में कोई लम्हा बेकार न गुज़रा
समानार्थी
निठल्लाव्यर्थफ़ारिग़
संबंधित शब्द
कारबेकारीकार-ओ-बार
