शब्दार्थ
फ़स्ल
fasl
hinoun
अर्थ
ऋतु, मौसम या बहार का समय।
विस्तार
इस शेर में 'फ़स्ल-ए-रंग' के रूप में प्रयुक्त होकर यह रंगों के मौसम यानी बहार की ऋतु को दर्शाता है। शास्त्रीय शायरी में यह शब्द किसी खास प्राकृतिक मौसम या मनोदशा के दौर को व्यक्त करता है। इसका संबंध अक्सर बहार, ख़िज़ाँ या प्रेम की दीवानगी से जोड़ा जाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root f-ṣ-l (ف-ص-ل), denoting separation, dividing line, section, or season.
प्रयोग
In the ghazal tradition, it frequently forms the first part of an izafat compound to herald the arrival of spring (fasl-e-gul) or the peak of frantic passion (fasl-e-junun).
उदाहरण
फ़स्ल-ए-गुल आई
फ़स्ल-ए-जुनूँ का दौर
समानार्थी
मौसमऋतुदौर
संबंधित शब्द
फ़स्ल-ए-गुलफ़स्ल-ए-बहारफ़स्ल-ए-जुनूँ
