शब्दार्थ

फ़साना-ख़्वानी

fasāna-khwānī

hinoun

अर्थ

क़िस्सागोई, दास्तान या कहानी सुनाने का काम।

विस्तार

फ़साना-ख़्वानी का अर्थ क़िस्सा या दास्तान सुनाने की क्रिया है। प्रस्तुत शे'र में शमअ के पिघलने और जलने को उसकी दास्तान-गोई कहा गया है, जो शो'ले के इशारे पर पल भर में समाप्त हो जाती है। यह उन आशिक़ों के अंदाज़ को दर्शाता है जो अपनी हस्ती मिटाकर अपनी बात पूरी करते हैं।

व्युत्पत्ति

Persian: composed of 'fasāna' (story, myth, romance) and 'khwānī' (act of reading/reciting, from 'khwāndan').

प्रयोग

In classical ghazal, it often symbolizes the narration of sorrow, night-long laments, or the transient narrative of life.

उदाहरण

शब-भर रही फ़साना-ख़्वानी अपने दर्द-ए-दिल की

फ़साना-ख़्वानी का लुत्फ़ ख़ामोशी में था

समानार्थी

क़िस्सा-गोईदास्तान-गोईहिकायत-ख़्वानी

संबंधित शब्द

फ़सानाफ़साना-गोदास्तानख़्वांदा
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