शब्दार्थ

फाँसा

phānsā

hiverb

अर्थ

जाल या फंदे में फंसाया, उलझाया अथवा प्रलोभित किया।

विस्तार

इसका आशय किसी को धोखे, जाल अथवा प्रलोभन में फँसाने से है। प्रस्तुत शेर में गर्दिश-ए-अय्याम (समय के फेर) को दिखाते हुए कहा गया है कि जो कभी रुपयों में खर्च करते थे, उन्हें अब आनों (कौड़ियों) के बदले फँसाया या मोहताज किया जाता है।

व्युत्पत्ति

Derived from Sanskrit 'पाश' (pāśa, meaning snare or noose), evolving through Prakrit into Hindustani.

प्रयोग

In classical ghazal poetry, it frequently appears in metaphors of the hunter (sayyad) trapping the lover-bird in nets of charm or destiny.

उदाहरण

दाम-ए-हवस में उस को फाँसा

बातों के फंदे में ग़रीब को फाँसा

समानार्थी

उलझानाजकड़नादबोचना

संबंधित शब्द

फाँसीफंदाफँसना
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