शब्दार्थ
फँस
phans
hiverb
अर्थ
उलझना, जकड़ जाना या फंदे में पड़ना।
विस्तार
इसका आशय किसी फंदे, संकीर्ण घेरे या बंधन में उलझ कर रुक जाने से है। प्रस्तुत शेर में यह दीवानगी के लोहे के तौक़ में गर्दन के बुरी तरह जकड़े जाने और घुटन महसूस होने को दर्शाता है। यह विवशता और लाचारी की चरम स्थिति को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Middle Indo-Aryan, ultimately traceable to the Sanskrit root 'पाश' (pāśa, meaning 'snare' or 'trap').
प्रयोग
In ghazal poetry, it frequently denotes the lover's heart or foot becoming caught in the beloved's curly tresses or in the snares of destiny.
उदाहरण
ज़ुल्फ़ के जाल में दिल फँस गया
दाम-ए-बला में फँस जाना
समानार्थी
उलझअटकगिरफ़्तार
संबंधित शब्द
फँसनाफंदाफाँसी
