शब्दार्थ

फ़साँ

fasaañ

hinoun

अर्थ

सान या अस्त्र की धार तेज़ करने का पत्थर।

विस्तार

फ़ारसी और उर्दू शायरी में 'फ़साँ' (मूल रूप फ़सान) का अर्थ सान अथवा कटार-तलवार की धार तेज़ करने वाला पत्थर है। इस शे'र में यह 'संग-ए-फ़साँ' के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ आशिक़ की हठीली जान महबूब की मारक निगाह को धार देने वाली सान बन जाती है। यह प्रतीक प्रेमी की सहनशीलता और प्रेमिका के अत्याचार के बीच के गहरे संबंध को रेखांकित करता है।

व्युत्पत्ति

Persian 'fasān' (فسان), meaning whetstone or hone.

प्रयोग

In the ghazal tradition, it is predominantly used in the genitive compound 'sang-e-fasaan' to depict how suffering hones the lover's trials or the beloved's cruelty.

उदाहरण

संग-ए-फ़साँ पे रख के जफ़ा तेज़ कीजिए

दिल बन गया है तेग़-ए-सितम का संग-ए-फ़साँ

समानार्थी

सानसिल

संबंधित शब्द

संग-ए-फ़साँतेग़सक़ालआबदार
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