शब्दार्थ
फ़िशार-ए-ज़ोफ़
fishār-e-zof
hinoun
अर्थ
कमज़ोरी का दबाव, नाज़ुकता या कमजोरी का प्रतीक।
विस्तार
'फ़िशार-ए-ज़ोफ़' कमजोरी की बारीकियों को संजोता है, जो अक्सर मानव भावनाओं की नाज़ुकता को दर्शाता है। यह प्रेम और रिश्तों में सामना की जाने वाली परेशानियों का प्रतीक है, दिखाता है कि नाज़ुकता कैसे गहरे तरीकों से प्रकट हो सकती है। यह शब्द कविता में शक्ति और नाज़ुकता के बीच नाजुक संतुलन व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल होता है।
व्युत्पत्ति
From Persian فشار (pressure) and زوف (weakness); combined meaning emphasizes fragility.
प्रयोग
'फ़िशार-ए-ज़ोफ़' is often employed in classical poetry to highlight emotional struggles and the essence of human vulnerability.
उदाहरण
कमज़ोरी के फ़िशार-ए-ज़ोफ़ में, सच्ची शक्ति प्रकट होती है।
कोमलता के क्षणों में, हम अपने दिलों का फ़िशार-ए-ज़ोफ़ महसूस करते हैं।
समानार्थी
कमज़ोरीनाज़ुकता
संबंधित शब्द
दर्दप्रेमभावना
