शब्दार्थ
फ़िशाँ
fishāñ
hiadjective
अर्थ
टपकाने वाला, बिखेरने वाला या बरसाने वाला।
विस्तार
फ़ारसी और उर्दू शायरी में यह शब्द किसी चीज़ को बरसाने, टपकाने या बिखेरने वाले के अर्थ में प्रत्यय के रूप में आता है। इस शेर में यह 'ख़ूँ' के साथ जुड़कर 'ख़ूँ-फ़िशाँ' (ख़ून बरसाने वाली) बनता है, जो आशिक़ की अश्रुपूर्ण पलकों की ख़ून टपकाने की अवस्था को दर्शाता है। यह विरह की पीड़ा और ख़ूनी आँसू बहाने की तीव्रता को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian, from the present stem of the verb 'afshāndan' (افشاندن), meaning to sprinkle, scatter, or shed.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, it rarely appears alone and is almost always appended to nouns such as 'ख़ूँ' (blood), 'गोहर' (pearls), or 'आतिश' (fire) to form compound epithets.
उदाहरण
दर-फ़िशाँ लब (मोती बिखेरने वाले होंठ)
चश्म-ए-ख़ूँ-फ़िशाँ (ख़ून के आँसू बरसाने वाली आँख)
समानार्थी
बिखेरने वालाटपकाने वालाबरसाने वाला
संबंधित शब्द
अफ़्शाँख़ूँ-फ़िशाँगोहर-फ़िशाँशरर-फ़िशाँ
