शब्दार्थ
फ़ाश
fāsh
hiadjective
अर्थ
प्रकट, उजागर, ज़ाहिर, खुला हुआ।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'फ़ाश' का अर्थ किसी छिपे हुए भेद, सत्य या रहस्य को सबके सामने उजागर करना होता है। इस शेर में इसका प्रयोग क़लंदरों के आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को प्रकट करने के संदर्भ में हुआ है। इसका मुख्य ध्येय संकीर्ण सोच और औपचारिक संस्थाओं के दायरे को तोड़कर विचार को स्वतंत्र करना है।
व्युत्पत्ति
From Arabic through Persian; derived from the root f-sh-w (فشو), signifying spreading, diffusing, or becoming widely exposed.
प्रयोग
It is most commonly used in compound verbs like 'fāsh karnā' (to expose/divulge) or 'fāsh honā' (to be leaked/unveiled), frequently regarding secrets of love or mystical truth.
उदाहरण
राज़-ए-उल्फ़त फ़ाश हो गया
हर एक भेद फ़ाश कर दिया
समानार्थी
ज़ाहिरउजागरअयाँमुंकशिफ़
संबंधित शब्द
इफ़्शाराज़रुमूज़पर्दा-फ़ाश
