शब्दार्थ
फ़रव
faro
hiadverb
अर्थ
नीचे, झुका हुआ, नत, या पस्त।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'फ़रो' (यहाँ मुद्रित रूप 'फ़रव') का अर्थ नीचे, नत अथवा झुका हुआ होना है। इस शे'र में 'सर को फ़रव लाना' का भाव सांसारिक बादशाह के समक्ष सिर झुकाने और अधीनता स्वीकार करने से है। सूफ़ी फ़क़ीर अपनी सादा नमदी टोपी के स्वाभिमान में राजमुकुट के आगे सिर नवाने से साफ़ इनकार करता है।
व्युत्पत्ति
Persian (فرو / farō), meaning down, below, beneath, or downward.
प्रयोग
Frequently used in ghazals within Persian idioms like 'sar faro karna' or 'sar faro aana' to represent spiritual refusal to submit to earthly power.
उदाहरण
सर किसी जाबिर के आगे फ़रव न किया
फ़रो होना ग़ुबार-ए-वहशत का
समानार्थी
नीचाझुका हुआपस्तसर-निगूँ
संबंधित शब्द
फ़रोतनफ़रोतनीफ़रोमायाफ़रोकश
