शब्दार्थ

फिरती

phirtī

hiverb

अर्थ

घूमती हुई, भटकती हुई या पुतती/छाती हुई।

विस्तार

इस शे'र में 'फिरती है' का अर्थ भटकने के साथ-साथ किसी सतह पर चूने की तरह पुतने का भी है। ग़ालिब ने याक़ूब के रोने से आँखों की सफ़ेदी को यूसुफ़ के क़ैदख़ाने की दीवारों पर सफ़ेदी (कलाई) फिरने से जोड़ा है। यह शब्द मँडराने और घर सजाने के लिए सफ़ेदी फेरने के दोहरे भाव को साधे हुए है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit स्फुरति (sphurati, 'darts, moves quickly') via Prakrit phuraï into Old Hindi / Hindavi phirnā.

प्रयोग

Commonly used in classical ghazal to convey the ceaseless wandering of an anxious lover or the restless roving of eyesight.

उदाहरण

निगाह-ए-शौक़ दर-ओ-बाम पर फिरती है

फिरती है दश्त-ओ-बयाबाँ में एक दीवाना सी रूह

समानार्थी

भटकतीघूमतीमँडरातीचक्कर काटती

संबंधित शब्द

फिरनाफेराघूमनाफेरी
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