शब्दार्थ

फ़िरक़ा

firqā

hinoun

अर्थ

संप्रदाय, गिरोह, समुदाय अथवा दल।

विस्तार

शाब्दिक अर्थ में 'फ़िरक़ा' किसी धार्मिक पंथ, संप्रदाय या दल को कहते हैं। इस शे'र में शायर ने इसका प्रयोग इश्क़ में ज़ख़्मी दिलों (दिल-फ़िगारों) की अनोखी जमाअत या बिरादरी के लिए किया है। यह प्रेमियों के उस विशेष वर्ग को दर्शाता है जिनका मिज़ाज आम दुनिया से जुदा होता है।

व्युत्पत्ति

Arabic (root f-r-q, relating to separating or dividing).

प्रयोग

While often loaded with religious or sectarian connotations, in classical ghazal it is frequently repurposed to depict the brotherhood of sufferers or lovers.

उदाहरण

फ़िरक़ा-ए-आशिक़ाँ

हर फ़िरक़े से जुदा

समानार्थी

गिरोहजमाअतक़बीलासम्प्रदाय

संबंधित शब्द

फ़र्क़ताइफ़ाफ़िरक़ा-परस्ती
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