शब्दार्थ
फ़रामोश-कारियों
farāmosh-kāriyoñ
hinoun
अर्थ
भूलने या उपेक्षा करने के कृत्य, विस्मृतियाँ।
विस्तार
यह शब्द विस्मृति, उपेक्षा अथवा भुला देने के कृत्यों को दर्शाता है। इस शे'र में इसका प्रयोग उन निरंतर विस्मृतियों के लिए हुआ है जिन्होंने वजूद का आख़िरी निशाँ—एक क़तरा-ए-ख़ूँ तक—मिटा कर ख़त्म कर दिया। यह स्मृति के संपूर्ण लोप की मार्मिक व्यथा व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian: formed from 'farāmōsh' (forgotten) + 'kār' (deed, work) + suffix '-ī' (denoting action/state).
प्रयोग
In classical ghazal poetry, it evokes the despair of being entirely cast aside and obliterated from the beloved's or world's memory.
उदाहरण
दौर-ए-फ़रामोश-कारी का सितम
फ़रामोश-कारियों का शिकार होना
समानार्थी
ग़फ़लतोंबे-परवाहियोंविस्मृतियों
संबंधित शब्द
फ़रामोशफ़रामोशीफ़रामोश-कार
