शब्दार्थ
फ़रेब
fareb
hinoun
अर्थ
धोखा, छल, कपट या भ्रम।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'फ़रेब' का अर्थ छल, धोखा या प्रेम का मोहक भ्रम होता है। इस शे'र में इसका प्रयोग मक्कारी या कपट के अर्थ में हुआ है, जहाँ यह दर्शाया गया है कि जो वफ़ा की अवधारणा को ही नहीं मानता, उसे किसी छल से छला नहीं जा सकता। यह चरम अविश्वास की स्थिति को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian (فریب - farēb), from the verb farebīdan (to deceive, beguile, enchant).
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'fareb' is frequently contrasted with 'vafaa' (faithfulness) or compounded as 'fareb-e-nazar' (optical illusion/mirage) to evoke the deceptive nature of beauty and existence.
उदाहरण
फ़रेब-ए-वफ़ा
फ़रेब-ए-नज़र
समानार्थी
धोखादग़ाछलमक्र
संबंधित शब्द
फ़रेबीफ़रेब-ख़ुर्दाअफ़रेब
