शब्दार्थ
फिरेंगे
phireṅge
hiverb
अर्थ
घूमेंगे, भटकेंगे या चक्कर काटेंगे।
विस्तार
इस शेर में 'फिरेंगे' का आशय जुदाई के आलम में दर-ब-दर भटकने और विस्थापित रहने से है। यह शब्द अपने असल स्रोत या महबूब से दूर रहने की व्याकुलता और बेबसी को प्रकट करता है। शायर इस व्यर्थ भटकाव और दूरी के समाप्त होने की कामना करता है।
व्युत्पत्ति
From Prakrit 'फिरइ' (phirai), linked to Old Indo-Aryan / Sanskrit 'स्फुर्' (sphur, to dart or tremble) or 'स्फुर्ति'.
प्रयोग
Frequently used in classical ghazal to convey the wandering of the lover in madness, grief, or exile.
उदाहरण
कूचा-ए-यार में यूँही कब तक फिरेंगे हम
फिरेंगे ख़ाक छानते दश्त-ओ-सहरा में
समानार्थी
भटकेंगेघूमेंगेचक्कर काटेंगे
संबंधित शब्द
फिरनाफेराफेर
