शब्दार्थ

फ़रोग़

Farogh

hinoun, masculine

अर्थ

चमक, प्रकाश, दीप्ति, शोभा या उन्नति।

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'फ़रोग़' का प्रयोग चमक, प्रकाश, उत्थान या शोभा के अर्थ में होता है। प्रस्तुत शे'र में यह तिनके के भाग्य के चमकने ('फ़रोग़-ए-ताला') को दर्शाता है, जिसे भट्टी की आग में जलकर ही अपनी पूर्ण दीप्ति प्राप्त होती है। यह विनाश (फ़ना) के माध्यम से प्राप्त होने वाले सर्वोच्च गौरव का प्रतीक है।

व्युत्पत्ति

Persian (فروغ / farōgh), denoting brightness, illumination, light, or flame.

प्रयोग

Frequently used in Persian-style genitive constructs like 'farogh-e-husn' (radiance of beauty) or 'farogh-e-tāle' (splendor of fortune) to signify visual or spiritual exaltation.

उदाहरण

फ़रोग़-ए-हुस्न से रौशन हुआ दिल का गोशा

नसीब का फ़रोग़ ख़ाक होने में पोशीदा है

समानार्थी

चमकरौशनीदीप्तिउन्नति

संबंधित शब्द

फ़रोग़ाँतालागुलख़नजल्वा
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