शब्दार्थ

फिराक

firaaq

hinoun

अर्थ

जुदाई, विरह; प्रसिद्ध शायर फ़िराक़ गोरखपुरी का तख़ल्लुस।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'फ़िराक़' का मूल अर्थ महबूब से जुदाई और विरह की पीड़ा है। प्रस्तुत शे'र में यह मशहूर शायर फ़िराक़ गोरखपुरी के तख़ल्लुस के रूप में आया है, जिन्हें 'सुख़न-आरा' (मधुर वाणी से सजाने वाला) कहकर पुकारा गया है। यहाँ महफ़िल में शायर की अनुपस्थिति और विरह दोनों के भाव एक साथ उभरते हैं।

व्युत्पत्ति

Arabic origin from the root f-r-q (ف-ر-ق), meaning to separate, part, or divide.

प्रयोग

A cardinal theme of the classical ghazal contrasting with 'visal' (union), famously adopted as the poetic moniker of Raghupati Sahay 'Firaq'.

उदाहरण

शब-ए-फ़िराक़ में आँखों से नींद रूठ गई।

फ़िराक़-ए-यार ने हर लम्हे को अज़ाब बना दिया।

समानार्थी

हिज्रजुदाईफुरकत

संबंधित शब्द

विसालसुखन-आरादर्दे-फिराकशबे-फिराक
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