शब्दार्थ
फिराक़
Firāq
hinoun
अर्थ
जुदाई, विरह; प्रसिद्ध शायर फ़िराक़ गोरखपुरी का उपनाम।
विस्तार
अरबी मूल का यह शब्द शाब्दिक रूप से विरह अथवा जुदाई का अर्थ रखता है। यह 20वीं सदी के मूर्धन्य उर्दू शायर रघुपति सहाय 'फ़िराक़ गोरखपुरी' का तख़ल्लुस (उपनाम) भी है। इस शे'र में मक़्ते के तौर पर शायर ने अपने नाम का उल्लेख किया है, जहाँ रिंदों की महफ़िल की रौशनी का ज़िक्र है।
व्युत्पत्ति
Arabic root f-r-q (ف-ر-ق), signifying separation, parting, or division.
प्रयोग
A central thematic concept in the classical ghazal capturing the pain of distance from the beloved, and famously immortalized as Firaq Gorakhpuri's poetic pseudonym.
उदाहरण
शाम-ए-फ़िराक़ अब न पूछ आई और आ के टल गई
दिल को सुकून मिला न शब-ए-फ़िराक़ में
समानार्थी
हिज्रजुदाईफ़ुर्क़त
संबंधित शब्द
फ़ारिक़मुफ़ारक़तफ़र्क़
