शब्दार्थ
फ़र्क़
farq
hinoun
अर्थ
अंतर, भेद, तफ़ावत या जुदाई।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'फ़र्क़' का अर्थ दो दशाओं या वस्तुओं के बीच का अंतर या भेद है। प्रस्तुत शेर में यह जीने और मरने के बीच के भेद के मिट जाने को दर्शाता है, जहाँ आशिक़ के लिए जीवन और मृत्यु एक समान हो जाते हैं। व्यापक संदर्भों में यह जुदाई या दूरी को भी व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root f-r-q (ف-ر-ق), meaning to separate, divide, or distinguish.
प्रयोग
In the Urdu ghazal, 'farq' is frequently invoked to collapse conventional dualities—such as pain and cure, or life and death—under the overwhelming force of passionate love.
उदाहरण
कोई फ़र्क़ नहीं अब ग़म और राहत में।
ज़रा सा फ़र्क़ भी दिल को गवारा न था।
समानार्थी
अंतरभेदतफ़ावतइम्तियाज़
संबंधित शब्द
फ़ारिक़तफ़रीक़इफ़्तिराक़
