शब्दार्थ

फेर

pher

hiverb

अर्थ

मोड़ दिया, घुमा दिया या रुख़ बदल दिया।

विस्तार

इस शे'र में 'फेर' का प्रयोग 'फेर दिए हैं' के रूप में हुआ है, जिसका अर्थ है लोगों के दिलों का रुख शायर की तरफ़ मोड़ देना। यह ईश्वर द्वारा मानवीय भावनाओं और सहानुभूति को अपनी ओर मोड़ने का संकेत देता है। शास्त्रीय शायरी में दिलों के झुकाव को बदलने के संदर्भ में यह क्रिया अत्यंत प्रचलित है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit 'स्फेट' (spheṭa) or Prakrit 'फेरह' (pheraha), developing into Hindustani 'फेरना' (to turn, alter, divert).

प्रयोग

In Urdu-Hindi poetry, it most frequently occurs in idioms such as 'मुँह फेरना' (to turn away in disdain) or 'रुख़ फेरना' (to divert attention or favor).

उदाहरण

उसने नज़र फेर कर देखा भी नहीं।

रुख़ न फेर इस ख़ाकसारी से।

समानार्थी

मोड़बदलपलट

संबंधित शब्द

फेरनाफेराहेर-फेर
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